नई दिल्ली। सरकारी स्कूलों को गोद लेकर दसवीं कक्षा के रिजल्ट को सुधारने की तैयारी शुरू हो गई । शिक्षा निदेशालय ने इसके लिए अच्छा प्रदर्शन नहीं करने वाले 57 स्कूलों का चयन किया है। इन स्कूलों को गोद लिया गया है।

मेंटर (शिक्षा निदेशालय के अधिकारी) गोद लिए जाने वाले स्कूलों का 15 दिन में एक बार दौरा करेंगे और निरीक्षण रिपोर्ट देंगे। स्कूलों के मेंटर की भूमिका निभाते हुए वह रिजल्ट अच्छा करने के के व लिए कई प्रयास करेंगे। दिल्ली सरकार स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए हरस्तर पर लगातार प्रयास कर रही है। सरकार का जोर रिजल्ट सुधारने को लेकर भी है। शिक्षा निदेशालय ने 2021-22 के दसवीं कक्षा के रिजल्ट का विश्लेषण किया। विश्लेषण में पाया गया कि 15 सामान्य शिफ्ट, 36 शाम की पाली व 6 सुबह की पाली के स्कूलों का रिजल्ट अच्छा नहीं रहा है।


कुछ स्कूलों का रिजल्ट तो 24.24, 33.33, 41.09 फीसदी तक रहा है, जबकि कुछ स्कूलों का रिजल्ट 50 फीसदी भी नहीं है। निदेशालय चाहता है कि सरकारी स्कूलों का रिजल्ट निजी स्कूलों से भी बेहतर हो। ऐसे में शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों की ओर से कमजोर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को गोद लिया गया है।


इस संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वह 15 दिन में एक बार स्कूल का दौरा जरूर करें। इस तरह से वह मेंटर की भूमिका निभाते हुए स्कूल पर नजर रखेंगे। इन अधिकारियों को नौवीं से बारहवीं कक्षा तक की स्कूल स्तर की परीक्षाओं के रिजल्ट का विश्लेषण, साथ ही विश्लेषण के आधार पर कमजोर छात्रों व जिन विषयों में खराब प्रदर्शन किया गया है, उनकी पहचान karni higi

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