नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आबकारी घोटाले में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया व आईएएस अधिकारी ए गोपीकृष्ण के घरों समेत 31 जगहों पर छापे मारे। इनमें कई कारोबारी संस्थान व गोपीकृष्ण के दो सहयोगी अफसरों के ठिकाने भी शामिल हैं। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को सिफारिश पर ब्यूरो ने इस घोटाले में 17 अगस्त को सिसोदिया समेत 15 लोगों पर नामजद प्राथमिकी दर्ज की थी। दिल्ली के अलावा छह राज्यों में लखनऊ, गुरुग्राम, मुंबई, चंडीगढ़, हैदराबाद व बंगलूरू में छापे मारे गए। सिसोदिया पर जो को नुकसान पहुंचाने व शराब कारोबारियों को अनुचित लाभ देने के आरोप है।


सीबीआई की टीमों ने शुक्रवार सुबह एकसाथ सभी ठिकानों पर छापा मारा, जो देर शाम तक चला। इस दौरान, बरामद दस्तावेज व अन्य सामग्री के आधार पर ब्यूरो सभी से पूछताछ करेगा। हालांकि, अफसरों ने बरामद सामग्री को जानकारी नहीं दी है। छापे की जद में आए दिल्ली के पूर्व आबकारी आयुक्त गोपीकृष्ण 2012 बैच के आईएएस अफसर हैं। दिल्ली के मुख्य सचिव की रिपोर्ट के आधार पर उपराज्यपाल ने दिल्ली की 2021-22 की आबकारी नीति में गड़बड़ियों के आरोप लगाते हुए नामजद अधिकारियों समेत 11 को निलंबित कर दिया था। आरोप है कि 2017-18 से 2021-22 के बीच शराब बिक्री से राजस्व में 567.98 करोड़ रुपये की कमी आई।

सुबह 8:30 बजे शुरू हुई कार्रवाई 14 घंटे चली सिसोदिया ने ट्वीट किया- सीबीआई का स्वागत है


सीबीआई छापे सुबह 8:30 बजे शुरू हुए 8:32 बजे मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर पहली सूचना दी। उन्होंने लिखा- सीबीआई आई है। उनका स्वागत है। हम कट्टर ईमानदार है। लाखों बच्चों का भविष्य बना रहे है। दुर्भाग्य कि देश में जो अच्छा काम करता है, उसे इसी तरह परेशान किया जाता है। इसीलिए हमारा देश नंबर वन नहीं बन पाया है। सीबीआई की कार्रवाई 14 घंटे चली। सिसोदिया की कार को भी जांच हुई। 

शराब कारोबारियों के माफ किए 144.36 करोड़

कोविह-19 महामारी के दौरान शराब कारोबारियों को लाइसेंस फीस में 144.36 करोड़ रुपये को माफी दी गई। इसके अलावा दिल्ली हवाई अड्डे के लिए बोली लगाने वाली फर्म की 30 करोड़ रुपये जमानत राशि वापस कर दी .

ये फैसले दिल्ली आबकारी नियम 2010 का उल्लंघन कर बिना उचित प्राधिकारी की अनुमति के किए गए। इन फैसलों में सिसोदिया का सीधा दखल पाया गया।

एफआईआर... पहला नाम सिसोदिया का, पूर्व आयुक्त, नौ कारोबारी और दो कंपनियां भी

एफआईआर में सबसे पहला नाम मनीष सिसोदिया का है। पूर्व आबकारी आयुक्त ए गोपीकृष्ण, पूर्व उपायुक्त आनंद तिवारी, पूर्व सहायक आयुक्त पंकज भारद्वाज के अलावा 11 कारोबारी और कंपनियां भी नामजद है।

■ कारोबारियों में विजय नायर, मनोज राय, अमनदीप दल, समीर महेंद्र अमित अरोड़ा, दिनेश अरोड़ा, सन्नी मारवाह, अरुण रामचंद्र पिल्ले व अर्जुन पांडे शामिल हैं।

बडी रिटेल और महादेव लिकर्स कंपनियों के साथ अज्ञात सरकारी कर्मचारी व निजी व्यक्ति शामिल

Post a Comment

Previous Post Next Post