कीव/मॉस्को। रूसी नियंत्रण में लिए गए यूक्रेनी क्षेत्र और रूस के सैन्य स्थलों के पास कई विस्फोटों के एक दिन बाद रूस ने कुछ और जगहों पर यूक्रेनी ड्रोन हमलों की पुष्टि की है। यूक्रेनी सेना ने ये हमले शुक्रवार देर रात को किए। इससे पता चलता है कि कीव को पश्चिमी देशों से मिल रही मदद उसकी क्षमता बढ़ा रही है। यूक्रेन ने अब अपने खोए हुए क्षेत्रों के बजाय रूस के प्रमुख क्षेत्रों में हमलों की रणनीति बनाई है।



ये ताजा घटनाएं रूस के कब्जे वाले क्रीमिया एयरबेस पर हुईं। पश्चिमी अधिकारियों के मुताबिक, इस घटना के बाद रूस के काला सागर स्थित नौसैनिक विमानन बल का आधा हिस्सा बेकार हो गया है। क्रीमिया के एक स्थानीय अधिकारी ने रूसी समाचार एजेंसी तास और आरआईए के हवाले से बताया कि ऐसा लगता है रूसी विमान भेदी यूनिटें येवपतोरिया के पश्चिमी क्रीमिया बंदरगाह के करीब कार्रवाई में जुटी थीं। इस बीच, रूस ने दावा किया कि खेरसॉन शहर के पूर्व में नोवा काखोवका की बस्ती पर हमला करने के लिए भेजे गए छह यूक्रेनी ड्रोन को विमान रोधी बलों ने मार गिराया है। उसने कहा, यूक्रेन किसी भी सूरत में खेरसॉन पर दोबारा अपना नियंत्रण चाहता है लेकिन अब यह संभव नहीं हो सकेगा।

यूक्रेन को ईगर सविलांस ड्रोन व कई नए हथियार देगा अमेरिका

वाशिंगटन। अमेरिका ने पहली बार कहा है कि वह यूक्रेन को स्कैन इंगर सर्विलांस ड्रोन, माइन- रेसिस्टेंट व्हीलर, एंटी-आर्मर राउंड और होवित्जर हथियार देने में मदद करेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नए 77.5 करोड़ डॉलर के सहायता पैकेज में 15 स्कैन ईगल्स, 40 माइन रोधी वाहन और 2,000 एंटी-आर्मर राउंड हथियारों की मदद देगा। यह मदद दक्षिण और पूर्वी यूक्रेन में दी जाएगी जहां रूसी सेना ने बारूदी खदानें बना रखी हैं। बता दें कि बाइडन प्रशासन अब तक यूक्रेन को 10.6 अरब डॉलर की सैन्य मदद दे चुका है। यह नई मदद पूर्व में दी गई सहायता से अलग होगी।


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