यूजीसी चेयरमैन ने कहा, उच्च शिक्षा में बदलाव के लिए सभी राज्यों का साथ

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा में सुधार को लेकर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ मदद करेंगे। वहीं, हरियाणा के सरकारी कॉलेजों में अब स्नातकोत्तर तक लड़कियों को मुफ्त शिक्षा मिलेगी। हिमाचल सरकार एससी, एसटी, ओबीसी और एसईडीजी वर्ग की छात्राओं को मुफ्त शिक्षा देगी।


धर्मशाला में बीते माह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मुख्य सचिवों की बैठक में राज्यों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) लागू करने की जानकारी दी थी। इसके बाद हरियाणा, हिमाचल, यूपी, उत्तराखंड समेत सभी राज्यों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (एनईपी) लागू करने की रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंप दी है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन प्रो. एम जगदीश कुमार ने बताया कि शिक्षा मंत्रालय, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद मिलकर लागू करवाने में मदद कर रहा है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय,छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक केरल, गुजरात, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, झारखंड, ओडिसा, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा, गोवा, गुजरात, महाराष्ट्र, दादर व नगरहवेली, दमन व दीव, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड समेत अन्य राज्य व संघ शासित प्रदेशों ने उच्च शिक्षा में बदलाव को लेकर काम शुरू कर दिया है।

स्नातक तक मातृभाषा में पढ़ाई


मातृभाषा को बढ़ावा देने के लिए स्नातक प्रोग्राम तक पढ़ाई दो भाषाओं में होगी। यानी छात्र को मातृभाषा चुनने का विकल्प रहेगा। ड्रोन तकनीक को बढ़ावा देने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खोला जाएगा। संपूर्णानंद संस्कृत यूनिवर्सिटी वाराणसी ज्योतिषशास्त्र, कर्मकांड, वास्तु शास्त्र में ऑनलाइन कोर्स शुरू करेगा। विश्वविद्यालयों व कॉलेजों में ई-लर्निंग पार्क, इंक्यूबेशन सेंटर, इनोवेशन हब और ई-कंटेंट स्टूडियो स्थापित किए जाएंगे। वहीं, अमेरिका की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी यूपी के कॉलेजों के छात्रों को इंटनेशनल स्तर की पढ़ाई, गुणवत्ता से जोड़ने पर काम करेंगे।

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