इस्लामाबाद, प्रेट्र : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि उनका देश भारत के साथ एक और युद्ध नहीं चाहता। वह दोनों देशों के बीच स्थायी शांति चाहते हैं। कश्मीर मसले का निदान बातचीत से करने के इच्छुक हैं, न कि युद्ध के जरिये । लिए नहीं दोनों देश एक और युद्ध झेलने की स्थिति में नहीं हैं।


पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने यह बात हार्वर्ड विश्वविद्यालय के छात्रों के दल से कही। यह दल उनसे मिलने आया था। शरीफ ने कहा, क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संकल्प के अनुसार कश्मीर मसले का समाधान होना चाहिए। यह जानकारी द न्यूज इंटरनेशनल अखबार ने दी है। शरीफ ने कहा, हम भारत के साथ स्थायी शांति वाले संबंध चाहते हैं। इसके लिए हम हर मसले पर वार्ता के लिए तैयार हैं। दोनों देशों के लिए युद्ध विकल्प नहीं है।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा, दोनों देशों को व्यापार और अर्थव्यवस्था का विकास करते हुए अपने नागरिकों के कल्याण के लिए कार्य करने चाहिए।

शरीफ ने कहा, पाकिस्तान हमलावर नहीं है, हमारी परमाणु ताकत बचाव के लिए है। पाकिस्तान हमले के लिए सेना को तैयार करने पर खर्च नहीं करता बल्कि अपनी सीमाओं सुरक्षा के बल्कि अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए धन खर्च करता है। शरीफ ने यह बात पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में कही। उन्होंने कहा, पाकिस्तान की हाल के वर्षों की तंगहाली ढांचागत समस्याओं और की तंगहाली समस्याओं और राजनीतिक अस्थिरता का परिणाम है, इस पर जल्द काबू पा लिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि आजादी के बाद से ही जम्मू-कश्मीर का मसला और आतंकवाद दोनों देशों के बीच तनाव कीवजह रहे हैं। 2014 में बनी नरेन्द्र मोदी की सरकार ने साफ कर दिया है कि आतंकी घटनाओं को रोके बिना दोनों देशों के बीच बातचीत संभव नहीं है। अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद से दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ गया है और कूटनीतिक बातचीत रुक गई है। भारत के कदम के विरोध में पाकिस्तान ने कूटनीतिक रिश्ते का स्तर नीचे कर लिया है। पाकिस्तान बार-बार जम्मू-कश्मीर को विवादित क्षेत्र बताते हुए उस पर वार्ता की बात कहता है। जबकि भारत जम्मू-कश्मीर को अपना अविभाज्य अंग बताते हुए किसी समझौते से इन्कार करता है।

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