राज्य ब्यूरो, लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानसून व फसल बीआई की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए किसानों को पूरी बिजली देने के साथ ही बकाये पर उनके ट्यूबवेल का बिजली कनेक्शन नहीं काटने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने पावर कारपोरेशन को ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बढ़ाने के लिए भी कहा है।



मुख्यमंत्री ने शनिवार को सूखे की समीक्षा बैठक में किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ट्यूबवेल की तकनीकी खराबी को हर हाल में 24 से 36 घंटे के भीतर ठीक कराया जाए। जहां ट्यूबवेल पर निर्भरता ज्यादा है. वहां सोलर पैनल लगाए जाएं। योगी ने कहा कि कम वर्षा के कारण उत्पन्न चुनौतियों के बीच एक-एक अन्नदाता का हित सुरक्षित रखा जाएगा। खेती-किसानी की जमीनी स्थिति का सूक्ष्मता से आकलन करते हुए किसानों को हर संभव मदद दी जाएगी।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में 33 जिले ऐसे हैं जहां सामान्य से 40 से 60 प्रतिशत तक ही वर्षा हुई है। 19 जिलों में तो 40 प्रतिशत से भी कम वर्षा हुई है। इन जिलों में खरीफ फसलों की बोआई प्रभावित हुई है। हमें सभी परिस्थितियों के लिए तैयार रहना होगा। निर्देश दिया कि प्रदेश में वर्षा की स्थिति, फसल बोआई की सही स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट अगले तीन दिन के भीतर भारत  सरकार को भेजी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कम बारिश के कारण कई क्षेत्रों में धान की पैदावार पर विपरीत असर पड़ने की आशंका है। इस बीच सब्जी की खेती को प्रोत्साहित करना बेहतर विकल्प हो सकता है। किसानों को वैकल्पिक खेती के बारे में जागरूक किया जाए।

मौसम की सही जानकारी देने के लिए बने पोर्टल

उन्होंने कहा कि आकाशीय बिजली के सटीक पूर्वानुमान के लिए बेहतर प्रणाली का विकास जरूरी है। इससे जनहानि एवं पशुहानि को न्यूनतम रखने में सहायता मिलेगी। विभाग आपस में संवाद संपर्क बनाकर - रखें। किसानों को मौसम की सही जानकारी देने के लिए राज्य स्तर पर पोर्टल विकसित किया जाए। इससे किसानों को मदद मिलेगी।

तीन वर्षों में सबसे कम वर्षा

अधिकारियों ने उन्हें बताया कि पिछले तीन वर्षों में इस वर्ष सबसे कम वर्षा रिकार्ड की गई है। 20 अगस्त तक इस बार प्रदेश में कुल 284 मिलीमीटर वर्षा हुई है। वर्ष 2021 मैं इस तिथि तक 504 10 और वर्ष 2020 में 520.3 मिलीलीटर वर्षा हुई थी। एकमात्र चित्रकूट जिला ही ऐसा है जहां इस बार सामान्य वर्षा हुई है।

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