नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता | राजधानी के 120 रूट पर दिल्ली सरकार 2000 मिनी बसें चलाएगी। दिल्ली के अलग-अलग इलाके में बेहतर फ्रीक्वेंसी, लास्ट माइल कनेक्टिविटी के लिए सरकार ने  बसों की संख्या बढ़ाने का होंगे फैसला किया है रूट पर मिनी से अभी दिल्ली में सिर्फ 72 रूट पर 799 मिनी बसें चल रही हैं। सरकार ने बसों के रूट्स रेशनलाइज़ेशन को लेकर दो लाख लोगों पर अध्ययन किया था। उसमें आया है कि दिल्ली में 37 फीसदी लोग ही सार्वजनिक बसों का प्रयोग करते हैं। ये यात्री औसतन रोजाना 11.2 किलोमीटर का सफर करते हैं। दिल्ली में अभी तक 11 हजार स्टैंडर्ड बसों को चलाने की योजना थी। वर्तमान में दिल्ली में 7200 स्टैंडर्ड बसें चल रही हैं। सरकार ने बसों की संख्या बढ़ाने की योजना के साथ रूट्स रेशनलाइजेशन को लेकर एक अध्ययन कराया। उसमें पता चला कि दिल्ली को मिनी बसों की ज्यादा जरूरत है। इसलिए सरकार ने अब स्टैंडर्ड बसों की संख्या 8494 कर दी है जो पहले की ही तरह 625 रूट पर चलेगी। जबकि, 72 रूट पर चल रही 799 मिनी बसों की संख्या बढ़ाकर 2000 करने का फैसला किया गया है। ये बसें बाहरी दिल्ली के बवाना, नरेला, बुराड़ी, नजफगढ़, छतरपुर, बदरपुर समेत अन्य इलाकों में चलेगी। की संख्या 1300 यात्री से अधिक है। वहीं लंबे रूट के लिए लोग बसों का प्रयोग नहीं कर रहे हैं। इसलिए सरकार ने बेहतर फ्रीक्वेंसी और लास्ट माइल कनेक्टिविटी के लिए छोटे रूट पर मिनी/मिडी बस का फैसला किया है।



परिवहन अधिकारियों के मुताबिक बसों का सबसे ज्यादा प्रयोग निम्न और मध्यम आय वर्ग इलाके वाले लोग करते हैं। वहां प्रति घंटे बसों के प्रयोग

Post a Comment

Previous Post Next Post