नई दिल्ली। डीयू समेत विभिन्न केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्नातक में दाखिले के लिए चल रहे कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेस टेस्ट (सीयूईटी) में आ रही तकनीकी गड़बड़ियों से छात्रों के साथ-साथ शिक्षक भी चिंतित हैं। शिक्षकों का कहना है कि इस कारण से सत्र देरी से शुरू होने की संभावना बन रही है। दाखिले अक्तूबर और कक्षाएं नवंबर से शुरू होने की उम्मीद है। इसका असर सेमेस्टर परीक्षाओं के शेड्यूल पर भी पड़ेगा।सीयूईटी के आयोजन में आ रहीं परेशानियों के कारण परीक्षा का अंतिम चरण अगस्त के अंत तक स्थगित किया गया जा चुका है। इस कारण से नतीजे भी सितंबर के मध्य तक आने की संभावना है। डीयू सीयूईटी स्कोर को भरने के लिए दाखिला पोर्टल खोलेगा।पहले उम्मीद थी कि डीयू 28 अगस्त तक पोर्टल खोल सकता है लेकिन अब यह सितंबर तक लटक गया है। इसके बाद ही काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। डीयू के शिक्षकों का कहना है कि इससे प्रवेश प्रक्रिया और सत्र अक्तूबर से भी आगे बढ़ने की संभावना है।


पहले जुलाई तक खत्म हो जाती थी दाखिला प्रक्रिया कोरोना : महामारी से पहले स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश प्रक्रिया जून-जुलाई तक समाप्त हो जाती थी। जुलाई के तीसरे सप्ताह तक सत्र शुरू हो जाता था। लेकिन पहले कोरोना और अब सीयूईटी के कारण सत्र शुरू होने में देरी होगी। डीयू कार्यकारी परिषद सदस्य डॉ. वीएस नेगी ने कहा कि परिषद की बैठक के शून्यकाल में एक अक्तूबर से दाखिले शुरू करने को लेकर पूछा गया था। लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। सत्र में देरी का प्रभाव सीधे तौर पर छात्रों पर ही पड़ेगा।

छात्रों को नहीं आएगी परेशान

डीयू के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि दाखिले देर से होने पर भी छात्र को पढ़ाई में दिक्कत नहीं होगी। 2020 का बैच महामारी के कारण सबसे अधिक प्रभावित हुआ था, तब शैक्षणिक सत्र दिसंबर में शुरू हुआ था। तब भी छात्रों को समय से परिणाम दिया गया था। डीयू में आने वाले विदेशी छात्रों को भी कहा जा रहा है कि उनके लिए जल्द ही परामर्श शुरू होगा।

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